स्वतंत्र लोकतंत्र। बड़वाह। नागेश्वर स्थित प्राचीन श्री गोपाललाल मंदिर में विराजित अष्टभुजाधारी ठाकुर जी के दुर्लभ श्री विग्रह(प्रतिमा) के 300 वर्ष पूर्ण होने पर सात दिवसीय महोत्सव बुधवार से शुरू हो गया।
महंत ने बताया कि बुधवार को ध्वजारोहण और कलश स्थापना हुई। सात दिन तक कालका माता के समीप रॉयल गार्डन में रात 8 बजे से भजन संध्या होगी। 19 को दिव्यांश पंड्या(बड़वाह) ने भजनों की प्रस्तुति दी। इस दौरान विधायक सचिन बिरला, नपाध्यक्ष राकेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजुद थे। 20 फरवरी को 1100 लीटर दूध से गोपालाल का महाभिषेक होगा। 21 फरवरी को 251 किलो फुल व 22 को 51 हजार तुलसी दल से श्री गोपाल सहस्त्रार्चन होगा। 23 जनवरी को पहली बार 251 किलो से रामार्चन होगा। 24 को गोपाल महायज्ञ व 56 भोग होगा। अंतिम तिथि 25 जनवरी को पूर्णाहुति, महाप्रसादी के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।
20 को नम्रता कुशवाह (भोपाल), 21 को वंदन कृष्ण शास्त्री(झारखंड), 22 को संजय महाजन व ग्रुप की प्रस्तुति, 23 को मुरलीधर दासजी महाराज, 24 को श्री कुंजबिहारी दास जी, 25 को शुभम तंवर व मयूरी चौहान की भजन संध्या होगी। इसके साथ शाम 6 से 9 तक प्रतिदिन भंडारे में 5 से 7 हजार लोग भोजन ग्रहण करेंगे।
पहली बार नगर में होगा रामार्चन
महंत हनुमानदास ने बताया कि ठाकुर जी की प्रतिमा की विशेष बात है की यह देश में दो ही प्रतिमा है।दूसरी धार जिले में है।आश्रम के ब्रह्मलीन संत श्रीश्री 108 महंत नरहरीदास जी महाराज ने अपने भक्तों को बताया था कि 300 वर्ष पहले नागेश्वर के राम मंदिर(गोपाल मंदिर)से निकले एक संत को चोरल संगम के निकट पानी में पैर से प्रतिमा टकराई थी। जिसे लेकर वो गोपाल मंदिर लेकर आए। इसके बाद यह प्रतिमा मंदिर में विराजित की गई।



