स्वतंत्र लोकतंत्र। बड़वाह। सद्गुरु की शरण में बैठने से चिंता-दुख दूर होते हैं, मन में प्रसन्नाता होती है। निस्वार्थ भाव से सद्गुरु की सेवा करने वाले शिष्य को निश्चित ही सफलता हासिल होती है।
ये प्रेरणादायी विचार बुधवार को शहर के एमजी रोड सत्ती घाटा स्थित राधा कृष्ण मंदिर के व्यवस्थापक महंत श्री सुंदर भारती जी महाराज ने व्यक्त किए।श्री महंत बलजीत जी भारती महाराज के छठे पुण्यस्मरण के चलते मंदिर में एक दिवसीय कार्यक्रम हुआ।vइस दौरान मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान, अभिषेक सहित महाप्रसादी का वितरण किया गया। मंदिर से जुड़े सेवक राजकुमार चौरसिया ने बताया कि मंदिर के गादीपति श्री महंत मोहन भारती जी महाराज के दिशा-निर्देश अनुसार एक दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। गुरुजी की पुण्यस्मरण की तिथि वाले दिन बुधवार को सुबह वेदी पाठी पंडितो ने मंत्र उच्चारणओं से पूजन -अर्चन का दौर शुरू हुआ। ब्रह्मलीन गुरुदेव की समाधि व प्रतिमा का अभिषेक कर पद पूजन किया गया। दोपहर 12 बजे आरती संपन्न हुई। इसके पश्चात भोग लगाकर महाप्रसादी का वितरण किया गया। इस दौरान आसपास के भक्तगणों ने प्रसादी ग्रहण कर दर्शन लाभ लिया।

